भारतीय व्यापार जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक नए क्रांति का सूत्रपात कर रहा है। वित्तीय सेवाओं से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, कंपनियां अपनी कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए एआई का सहारा ले रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 5 वर्षों में एआई से संचालित सेवाएं भारत की जीडीपी में 500 अरब डॉलर का योगदान दे सकती हैं। नई तकनीक न केवल लागत में कटौती कर रही है बल्कि वैश्विक बाजारों में भारतीय स्टार्टअप्स की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ा रही है।