रायपुर :- कृषि मंडी देवेन्द्रनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस आज भक्त प्रह्लाद की अद्भुत भक्ति और भगवान श्रीहरि की असीम कृपा का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया जाएगा। परम पूज्य भागवताचार्य इन्द्रेश महाराज जी के श्रीमुख से होने वाली श्रीमद भागवत कथा का आयोजन आज दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मंडी ग्राउंड, देवेन्द्र नगर, रायपुर में होगा। भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, अडिग विश्वास और निष्कलंक समर्पण की कथा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।

कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कृषि मंडी परिसर पहुंचे, जहां भक्ति गीतों और भगवान जगन्नाथ तथा राधा-कृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इन्द्रेश महाराज ने धर्म, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के अवसर पर उन्होंने पितरों के प्रति श्रद्धा और श्राद्ध कर्म के महत्व को समझाते हुए सनातन परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। भगवान जगन्नाथ के स्वरूप और महाप्रसाद की महिमा का भी वर्णन किया गया।

भगवान की ब्रजलीलाओं के प्रसंग के दौरान इन्द्रेश महाराज ने पंचतत्व और प्रकृति के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य का शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पंचतत्वों से बना है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। नदियों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए उन्होंने यमुना सहित देश की नदियों को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पवित्रता को जीवन का हिस्सा बनाकर देश को और सुंदर बनाया जा सकता है।

कथा के दौरान गीत गोविंद और सनातन परंपराओं से जुड़े कई प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। इन्द्रेश महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल आध्यात्मिक ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराने का अवसर भी है। कथा स्थल पर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

मुख्य सेवादार गुंजन प्रजापति ने बताया कि कथा के दूसरे दिन इन्द्रेश महाराज के पिताश्री भी वृंदावन से रायपुर पहुंचे, जिनका व्यासपीठ से स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं से उनका परिचय सद्गुरुदेव के रूप में कराया गया। अब तृतीय दिवस भक्त प्रह्लाद की कथा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है।