रायपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बदलते मौसम के बीच लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और निर्माण कार्यों से हवा में फैलने वाले बारीक कण सांस और गले से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकते हैं। सुबह उठते ही गले में खराश, सूखापन, खांसी या नाक बंद होने जैसी समस्या महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। हालांकि, इन लक्षणों के पीछे एलर्जी, संक्रमण और अन्य कारण भी हो सकते हैं।

सुबह उठते ही गले में खराश क्यों होती है?

रायपुर में धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहने से कुछ लोगों को गले में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म कण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, रातभर सोते समय मुंह से सांस लेना, नाक बंद रहना और कमरे में जमा धूल भी सुबह गले में सूखापन और खराश की वजह बन सकती है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।

रायपुर में प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

अगर आपके इलाके में धूल-धुआं अधिक है, तो बाहर निकलने से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI की जानकारी जरूर लें। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर सुबह की सैर और खुले में भारी व्यायाम सीमित रखें। जरूरी होने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें। घर में नियमित सफाई करें और धूल उड़ाने के बजाय गीले कपड़े से सफाई करें। पर्याप्त पानी पिएं और गले में राहत के लिए गुनगुने नमक-पानी से गरारे कर सकते हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को बरतनी चाहिए खास सावधानी

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या फेफड़ों की पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को प्रदूषित हवा के संपर्क से बचने की विशेष कोशिश करनी चाहिए। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर लंबे समय तक बाहर रहने से बचें। अगर बाहर जाने पर खांसी, सांस फूलने या सीने में जकड़न की परेशानी बढ़ती है, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लें।

कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी?

अगर गले में खराश लगातार बनी रहती है या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। सांस लेने में कठिनाई, सीने में जकड़न, तेज बुखार या निगलने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। गले की हर समस्या को प्रदूषण का असर मानना सही नहीं है, क्योंकि इसके पीछे संक्रमण या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

रायपुर के लोगों के लिए जरूरी सलाह: अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता पर नजर रखें, धूल-धुएं से बचाव करें और लक्षण बढ़ने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लें।