नई दिल्ली :- करवा चौथ के मौके पर महिलाएं अपने श्रृंगार और गहनों की खरीदारी कर रही हैं। इस बीच लैब-ग्रोन डायमंड यानी प्रयोगशाला में तैयार किए जाने वाले हीरों की मांग भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। ये हीरे दिखने, चमक और बनावट में प्राकृतिक हीरों जैसे होते हैं, लेकिन इनकी कीमत अपेक्षाकृत कम होती है। हालांकि, इन्हें खरीदने से पहले कीमत के साथ GST, मेकिंग चार्ज और दोबारा बेचने पर मिलने वाली रकम को समझना जरूरी है।

क्या होते हैं लैब-ग्रोन डायमंड?

लैब-ग्रोन डायमंड वैज्ञानिक तकनीक की मदद से प्रयोगशालाओं में तैयार किए जाते हैं। इनकी रासायनिक संरचना और भौतिक विशेषताएं प्राकृतिक हीरों जैसी होती हैं। दोनों के बनने की प्रक्रिया में अंतर होता है। प्राकृतिक हीरे धरती के भीतर लंबे समय में बनते हैं, जबकि लैब-ग्रोन हीरे नियंत्रित परिस्थितियों में तैयार किए जाते हैं। ऑकेरा की सह-संस्थापक और CEO लिसा मुखेड़कर के मुताबिक, लैब-ग्रोन डायमंड भी असली हीरे होते हैं। इनकी कीमत कम होने के कारण ग्राहक कम बजट में अपनी पसंद की डायमंड ज्वेलरी खरीद सकते हैं।

प्राकृतिक हीरे से कितनी कम होती है कीमत?

लैब-ग्रोन डायमंड और प्राकृतिक हीरे की कीमत में बड़ा अंतर हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, सोने की अंगूठी में जड़ा एक कैरेट का लैब-ग्रोन डायमंड लगभग 60 हजार से 1.2 लाख रुपये में मिल सकता है। वहीं, एक कैरेट के प्राकृतिक हीरे की कीमत 3 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है। हालांकि, हीरे की वास्तविक कीमत उसकी गुणवत्ता, कट, रंग, स्पष्टता, सर्टिफिकेट और ज्वेलरी के डिजाइन पर निर्भर करती है। इसलिए खरीदारी से पहले अलग-अलग विक्रेताओं की कीमतों की तुलना करना बेहतर है।

डायमंड ज्वेलरी पर कितना लगता है GST?

डायमंड ज्वेलरी खरीदते समय GST और अन्य शुल्कों की जानकारी लेना जरूरी है। दी गई जानकारी के अनुसार, तैयार डायमंड ज्वेलरी पर 3 प्रतिशत GST और बिना जड़ा हुआ लूज डायमंड खरीदने पर 0.25 प्रतिशत GST लागू होता है। खरीदारी के समय बिल में हीरे की कीमत, सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST का अलग-अलग विवरण जरूर देखें। भुगतान करने से पहले कुल कीमत की पुष्टि भी कर लें।

सर्टिफिकेट और हॉलमार्क जरूर जांचें

डायमंड ज्वेलरी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता का प्रमाणपत्र मांगें। IGI, GIA या SGL जैसी ग्रेडिंग एजेंसियों के प्रमाणपत्र से हीरे की गुणवत्ता संबंधी जानकारी मिल सकती है। वहीं, सोने की शुद्धता जांचने के लिए BIS हॉलमार्क पर ध्यान दें। आम तौर पर 750 नंबर 18 कैरेट और 916 नंबर 22 कैरेट सोने की शुद्धता को दर्शाता है। डायमंड ज्वेलरी में अक्सर 14 या 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

मेकिंग चार्ज से बढ़ सकती है ज्वेलरी की कीमत

डायमंड ज्वेलरी की कुल कीमत में मेकिंग चार्ज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह डिजाइन, कारीगरी और ब्रांड के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ ज्वेलर्स सोने की कीमत के प्रतिशत के हिसाब से, जबकि कुछ प्रति ग्राम के आधार पर मेकिंग चार्ज लेते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले मेकिंग चार्ज की जानकारी लें और ज्वेलर की बायबैक पॉलिसी लिखित में जरूर समझें।

बेचने पर कितनी मिलेगी रकम?

लैब-ग्रोन डायमंड खरीदते समय उसकी रीसेल वैल्यू पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सामान्य तौर पर लैब-ग्रोन डायमंड की दोबारा बिक्री पर मिलने वाली रकम प्राकृतिक हीरे की तुलना में कम हो सकती है। कुछ अनुमानों के अनुसार, पुराने लैब-ग्रोन डायमंड पर खरीद कीमत का लगभग 20 से 30 प्रतिशत और प्राकृतिक हीरे पर 40 से 60 प्रतिशत तक रकम वापस मिल सकती है। हालांकि, ये निश्चित दरें नहीं हैं और हर ज्वेलर की बायबैक पॉलिसी अलग हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपने एक लाख रुपये की लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी खरीदी है, तो उसे बेचने पर मिलने वाली रकम काफी कम हो सकती है। सोने का मूल्य अलग से तय किया जा सकता है। अंतिम कीमत हीरे की गुणवत्ता, मौजूदा बाजार और ज्वेलर की शर्तों पर निर्भर करेगी।

डायमंड बेचने पर कितना लगेगा कैपिटल गेंस टैक्स?

डायमंड ज्वेलरी बेचने पर मुनाफा होने की स्थिति में पूंजीगत लाभ यानी कैपिटल गेंस टैक्स लागू हो सकता है। टैक्स की गणना इस बात पर निर्भर करती है कि ज्वेलरी कितने समय तक रखी गई, उसकी खरीद और बिक्री की कीमत क्या रही और लागू कर नियम क्या कहते हैं। इसलिए हीरे को बेचने से पहले मौजूदा आयकर नियमों की जानकारी लेना या किसी टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

करवा चौथ पर लैब-ग्रोन डायमंड कम बजट में पसंदीदा डिजाइन खरीदने का विकल्प हो सकता है। लेकिन खरीदारी से पहले इन बातों को जरूर जांचें:

हीरे की गुणवत्ता का प्रमाणपत्र लें। सोने की शुद्धता के लिए BIS हॉलमार्क जांचें। GST और मेकिंग चार्ज सहित पूरा बिल लें।

ज्वेलर की बायबैक और एक्सचेंज पॉलिसी समझें। केवल निवेश या भविष्य में अधिक कीमत मिलने की उम्मीद से खरीदारी न करें।

लैब-ग्रोन डायमंड कम कीमत में आकर्षक ज्वेलरी खरीदने का विकल्प हैं। हालांकि, इनकी रीसेल वैल्यू और भविष्य में मिलने वाली रकम को लेकर पहले से स्पष्ट जानकारी रखना जरूरी है। सही जानकारी और पूरी कीमत समझकर की गई खरीदारी आपको बाद में होने वाली परेशानी से बचा सकती है।