नई दिल्ली :- मौसम में बदलाव होते ही कई लोगों को गले में खराश, सूखापन, खांसी और बार-बार छींक आने जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर, हवा में मौजूद धूल, प्रदूषण और वायरल संक्रमण इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। शुरुआत में गले में हल्की चुभन या खुजली महसूस होती है, लेकिन कई बार यह परेशानी खांसी और गले में दर्द का रूप ले सकती है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मौसम बदलते ही गले में खराश और खांसी क्यों होने लगती है? क्या इसके पीछे सिर्फ ठंड जिम्मेदार है या फिर अन्य कारण भी हैं? आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारण, राहत के घरेलू उपाय और जरूरी सावधानियां।

मौसम बदलने पर गले में खराश और खांसी के 5 बड़े कारण

1. वायरल संक्रमण

मौसम बदलने के दौरान सर्दी-जुकाम जैसे वायरल संक्रमण हो सकते हैं। इनके कारण गले में दर्द, खराश, नाक बहना, छींक और खांसी की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को बुखार, सिरदर्द और थकान भी महसूस होती है।

2. धूल और प्रदूषण

हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के बारीक कण गले में जलन पैदा कर सकते हैं। प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोगों को बाहर निकलने के बाद सूखी खांसी, गले में खुजली और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

3. एलर्जी

बदलते मौसम में धूल, परागकण और फफूंद के संपर्क में आने से एलर्जी के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसके कारण बार-बार छींक आना, नाक बहना, गले में खुजली और सूखी खांसी हो सकती है। एलर्जी में आमतौर पर बुखार नहीं होता।

4. हवा में नमी की कमी

शुष्क हवा गले की अंदरूनी परत में सूखापन पैदा कर सकती है। इससे खराश और बार-बार खांसने की इच्छा महसूस हो सकती है। लंबे समय तक एयर कंडीशनर वाले कमरे में रहने से भी कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।

5. एसिड रिफ्लक्स

कभी-कभी पेट का एसिड भोजन नली से ऊपर गले तक पहुंच जाता है। इससे गले में जलन, सुबह उठने पर खराश और बार-बार खांसी की समस्या हो सकती है। यदि खाने के बाद या लेटने पर परेशानी बढ़ती है, तो एसिड रिफ्लक्स भी एक संभावित कारण हो सकता है।

गले में खराश होने पर दिखते हैं ये लक्षण

मौसम बदलने के दौरान गले की परेशानी के लक्षण उसके कारण पर निर्भर करते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

* गले में चुभन, खुजली या दर्द

* निगलने में परेशानी

* सूखी या बलगम वाली खांसी

* नाक बहना और बार-बार छींक आना

* आवाज में भारीपन

* संक्रमण होने पर बुखार, सिरदर्द और थकान

यदि खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून आना या तेज बुखार हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

गले की खराश और खांसी से राहत पाने के 5 घरेलू उपाय

1. गुनगुने पानी से गरारे करें

एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाकर गरारे करने से गले की खराश में राहत मिल सकती है। गरारे के बाद पानी थूक दें। छोटे बच्चों को यह उपाय तभी कराएं, जब वे सुरक्षित तरीके से गरारे कर सकते हों।

2. पर्याप्त पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। गुनगुना पानी और गर्म पेय गले के सूखेपन को कम करने और आराम पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

3. शहद का सेवन करें

एक वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में शहद खांसी को कुछ हद तक शांत करने में मदद कर सकता है। इसे गुनगुने पानी में मिलाकर लिया जा सकता है। ध्यान रखें कि एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।

4. धूल और धुएं से बचें

प्रदूषण वाले इलाकों में बाहर निकलते समय उपयुक्त मास्क का इस्तेमाल करें। घर में धूल जमा न होने दें और धूम्रपान के धुएं से दूरी बनाए रखें।

5. पर्याप्त आराम और नींद लें

शरीर को आराम देना और पर्याप्त नींद लेना संक्रमण से उबरने में मदद कर सकता है। यदि बहुत ठंडे या बहुत गर्म पेय से गले में परेशानी बढ़ती है, तो उनसे बचें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

गले की खराश और खांसी अक्सर कुछ समय में ठीक हो सकती है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि परेशानी कुछ दिनों में कम नहीं होती, लक्षण बढ़ते जाते हैं या खांसी तीन सप्ताह से अधिक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने या निगलने में गंभीर परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या खांसी की दवाओं का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि हर खांसी बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण नहीं होती।

मौसम बदलने पर गले में खराश और खांसी के पीछे वायरल संक्रमण, एलर्जी, धूल, प्रदूषण और शुष्क हवा जैसे कई कारण हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, गुनगुने पानी से गरारे करना, धूल-धुएं से बचना और पर्याप्त आराम करना राहत देने में मदद कर सकता है। हालांकि, लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।