रायपुर :- प्रदेश में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाओं और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इस बीच आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने किसानों को राहत देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि जिन क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है, वहां अनावरी रिपोर्ट के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
मंत्री टंकराम वर्मा के मुताबिक, फसल नुकसान की स्थिति का आकलन करने के बाद प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र यानी RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता राशि देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने प्रदेश में बारिश की स्थिति को लेकर भी जानकारी दी और कहा कि फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कुछ इलाकों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की बात उन्होंने स्वीकार की।
पटवारियों की हड़ताल पर मंत्री ने जताई नाराजगी
वहीं, प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल को लेकर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों पटवारी पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। मंत्री के अनुसार, पटवारियों ने व्हाट्सऐप के जरिए आवेदन देकर हड़ताल शुरू कर दी, जबकि उन्हें अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार के सामने रखकर बातचीत करनी चाहिए थी। मंत्री ने कहा कि चर्चा के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा सकता था। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि पटवारियों की हड़ताल से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो सकता है।
धान खरीदी से पहले गिरदावरी का काम महत्वपूर्ण
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में धान खरीदी के लिए गिरदावरी का समय चल रहा है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल से फसलों और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज करने का काम प्रभावित होने की आशंका है। गिरदावरी के आंकड़े धान खरीदी समेत कई सरकारी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। फिलहाल, बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजे की उम्मीद है। अब देखना होगा कि नुकसान के आकलन के बाद कितने किसानों को राहत मिलती है और पटवारियों की हड़ताल को समाप्त कराने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।


