रायपुर :- छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के बाद अब नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी बीच बस्तर संभाग के भाजपा और कांग्रेस से जुड़े 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सुरक्षा घटाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भविष्य में किसी तरह की घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, आधा दर्जन से ज्यादा नक्सली अब भी मौजूद हैं, जबकि कुछ दूसरे राज्यों की ओर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी चाहती है कि नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में नेताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को सतर्क रहना चाहिए। बैज ने भाजपा पर अपने नेताओं को अतिरिक्त सुरक्षा देने का आरोप भी लगाया।
नौ नेताओं की Z+ सुरक्षा घटाकर Z श्रेणी में करने की जानकारी
जानकारी के मुताबिक, भाजपा और कांग्रेस के नौ नेताओं की सुरक्षा Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी की गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कर्मा परिवार को मिल रही सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए जाने की बात सामने आई है।
बस्तर क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा की भी समीक्षा की गई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा में बदलाव का आधार नेताओं को मौजूदा खतरे का आकलन है। हालांकि, सुरक्षा में कटौती से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी होने की पुष्टि अभी बाकी है।
दिल्ली में कांग्रेस की रैली को लेकर भी बोले दीपक बैज
दिल्ली में एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस रैली को लेकर भी दीपक बैज ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि रैली की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। बैज ने आरोप लगाया कि पहले कार्यकर्ताओं के लिए स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराने की बात कही गई, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिवहन संबंधी दिक्कतों के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे अपने संसाधनों से दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी के हाथ मजबूत करेंगे।
भाजपा विधायक के बयान पर बैज का पलटवार
राज्योत्सव के दिन कांग्रेस की रैली को लेकर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान पर भी दीपक बैज ने प्रतिक्रिया दी। पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं के राज्योत्सव से दूर रहने और रैली के समय को लेकर टिप्पणी की थी। इस पर पलटवार करते हुए बैज ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की बधाई दी और भाजपा नेताओं को इस तरह की भाषा से बचने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जनता चुनाव में इसका जवाब देगी। इस बयानबाजी के बाद राज्योत्सव और कांग्रेस की रैली को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर जताई चिंता
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के बस्तर से लेकर सरगुजा तक बारिश होने की बात कहते हुए दीपक बैज ने किसानों की परेशानी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धान की फसल तैयार है और कई किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी। ऐसे में कटी हुई फसल के भीगने और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैज ने कहा कि ऐसे समय में किसानों की फसल को बचाना और नुकसान की स्थिति में उन्हें राहत दिलाना जरूरी है।
फिलहाल, नेताओं की सुरक्षा में कटौती को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। वहीं, दिल्ली रैली, राज्योत्सव पर बयानबाजी और बेमौसम बारिश से फसल नुकसान जैसे मुद्दों पर भी प्रदेश की राजनीति में हलचल बनी हुई है। सुरक्षा में बदलाव से संबंधित आधिकारिक आदेश और सरकार का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
उनका कहना है कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, सरकार को सर्वे कराकर मुआवजे का ऐलान करना चाहिए। बस्तर में बाढ़ के कारण लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई थी, लेकिन अब तक उसका सर्वे नहीं कराया गया है। सरकार को पहले हुए नुकसान के साथ ही बारिश से प्रभावित फसलों का भी सर्वे कराकर किसानों को राहत देनी चाहिए।


