दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे 78 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे कोर्सेवाड़ा का हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार जारी था। उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
शिक्षक से विधायक तक का सफर
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।
2008 में पहली बार बने विधायक
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर पहली बार अहिवारा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2018 में कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार विधानसभा में जगह बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे।
कई महत्वपूर्ण पदों की संभाली जिम्मेदारी
अपने राजनीतिक सफर में डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। पहले विधायक कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।विधानसभा में उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण से जुड़ी समितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें विधानसभा की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें पुस्तकालय समिति के सभापति का पद भी शामिल था।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे
उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अक्टूबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। नवंबर 2025 में उन्होंने पदभार ग्रहण किया था। निधन के समय वे अहिवारा के विधायक होने के साथ इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
जानिए कैसा रहा शैक्षणिक जीवन
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। इसके अलावा उनके पास बीएड की डिग्री भी थी। शिक्षा के क्षेत्र से अपने करियर की शुरुआत करने वाले कोर्सेवाड़ा ने राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपना एक अनुभवी नेता खो दिया है।


