नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B-28 को तैयार करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु स्थित BEML प्लांट का दौरा कर बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन की मेकिंग का वीडियो भी साझा किया। इस स्वदेशी ट्रेन को 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।
8 कोच वाली ट्रेन में एक साथ सफर कर सकेंगे 557 यात्री
भारत में तैयार की जा रही B-28 बुलेट ट्रेन करीब 202 मीटर लंबी होगी। इसमें कुल 8 कोच होंगे, जिनमें एक साथ 557 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन को भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। इसमें आरामदायक सीटें, प्लेटफॉर्म के बराबर ऊंचाई वाले दरवाजे और कोच के बीच आने-जाने के लिए सीलबंद रास्ते जैसी सुविधाएं होंगी। इस ट्रेन का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML के सहयोग से किया जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार हो चुका है और उसे आगे की तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है।
रेत की बोरियों से हो रही ट्रेन की क्षमता की जांच
बुलेट ट्रेन के निर्माण के साथ ही उसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर कई तरह के परीक्षण किए जा रहे हैं। रेल मंत्री की ओर से साझा किए गए वीडियो में ट्रेन के कोच के अंदर रेत की बोरियां रखकर परीक्षण करते हुए दिखाया गया है। इसके जरिए ट्रेन की वजन सहने की क्षमता की जांच की जा रही है। निर्माण प्रक्रिया में स्क्वीज टेस्ट, वाइब्रेशन टेस्ट, ब्रेकिंग सिस्टम, HVAC और स्पीड टेस्ट जैसे कई तकनीकी परीक्षण शामिल हैं। इन सभी परीक्षणों के बाद ट्रेन को ट्रैक पर उतारकर ट्रायल किया जाएगा।
अगस्त 2027 में ट्रायल की संभावना, 2029 तक टिकट बुकिंग का लक्ष्य
रिपोर्ट के मुताबिक, स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रैक ट्रायल जून 2027 से शुरू होने की संभावना है। वहीं अगस्त 2027 तक गुजरात के सूरत-बिलिमोरा सेक्शन में इसका टेस्ट रन देखने को मिल सकता है। ट्रेन की टेस्टिंग पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन कर सकते हैं। रेल मंत्री के अनुसार, परीक्षण प्रक्रिया में लगभग 2 से 4 महीने का समय लग सकता है। वहीं परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, जनवरी 2029 तक टिकट बुकिंग शुरू होने की संभावना जताई गई है।
वडोदरा से मुंबई का सफर महज डेढ़ घंटे में
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है। इसके शुरू होने के बाद वडोदरा से मुंबई के बीच की दूरी लगभग डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकेगी। फिलहाल इस कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE), सिग्नलिंग और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) से प्रमाणन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाने बाकी हैं। सूरत और बिलिमोरा के बीच पहले सेक्शन को शुरू करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में करने की तैयारी
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-आगरा समेत प्रस्तावित नॉर्थ कॉरिडोर के बारे में जानकारी दी है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में संभव होने का दावा किया गया है। इस परियोजना में पिलर से लेकर गार्डर तक के निर्माण में स्वदेशी तकनीक और संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बुलेट ट्रेन परियोजना के माध्यम से देश में आधुनिक रेल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के साथ मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाना है। भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B-28 का निर्माण और परीक्षण देश की हाई स्पीड रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


