नई दिल्ली :- भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में सेवाएं दे रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि को दो साल तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अग्निवीरों को सेना में छह साल तक सेवा देने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या सेना की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा चल रही है। अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच की सेवा अवधि पूरी होने से पहले इस पर फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में अग्निवीरों की नजर सरकार के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।

21 नवंबर को सेवा मुक्त होगा नौसेना का पहला अग्निवीर बैच

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। नौसेना के पहले बैच के अग्निवीर 21 नवंबर 2026 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेंगे। वहीं, वायुसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 दिसंबर और थल सेना के पहले बैच का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को पूरा होने वाला है। ऐसे में सरकार की ओर से सेवा अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर जल्द फैसला लिए जाने की चर्चा है। हालांकि, एक्सटेंशन किसे मिलेगा और कितने अग्निवीर इसके दायरे में आएंगे, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

25 फीसदी अग्निवीरों को पहले से है स्थायी सेवा का मौका

अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर दिया जाता है। बाकी अग्निवीरों को सेवा अवधि पूरी होने के बाद सेना से मुक्त किया जाता है। अब दो साल के संभावित एक्सटेंशन के प्रस्ताव ने अग्निवीरों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में सभी अग्निवीरों को इसका लाभ मिलेगा या इसके लिए अलग चयन प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।

सेवा समाप्त होने पर मिलेगा 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज

अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार, सेवा समाप्त होने पर उन्हें लगभग 11.71 लाख रुपये की एकमुश्त राशि मिलती है। यह राशि निर्धारित नियमों के तहत टैक्स-फ्री होती है। इसके अलावा अग्निवीरों को कौशल प्रमाणपत्र भी दिया जाता है, जिससे उन्हें भविष्य में निजी और अन्य क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

सरकार के फैसले पर टिकी अग्निवीरों की नजर

अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव लागू होता है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल इस संबंध में किसी आधिकारिक आदेश या अधिसूचना का इंतजार है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इससे अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं की सेवा अवधि और भविष्य की योजनाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।