रायपुर :- छत्तीसगढ़ में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित 13 नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी मैदान में उतरने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भाजपा कार्यालय में निकाय चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में चुनाव वाले नगरीय निकायों के प्रभारी और सहप्रभारी सहित संबंधित जिलों के जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, ओपी चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, दयालदास बघेल, राजेश अग्रवाल और टंक राम वर्मा सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में संबंधित क्षेत्रों के सांसद और विधायक भी मौजूद रहे। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित चुनाव को देखते हुए संगठन की जमीनी स्थिति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण, चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर चर्चा की गई। पार्टी का मुख्य फोकस निकाय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनाव से पहले सभी तैयारियां पूरी करने पर रहा।
बैठक को लेकर सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य पंचायत से लेकर पार्षद और संसद तक अंत्योदय की भावना को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका और नगर निगमों में भी भाजपा की सरकार बने, इसके लिए संगठन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैठक लेकर पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय पर चर्चा हुई। चुनावी मैदान में उतरने से पहले संगठन को मजबूत करने, नए लोगों को पार्टी से जोड़ने और संगठन में नई ऊर्जा लाने पर जोर दिया गया। प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। इसके तहत जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर चयन समितियां बनाई जाएंगी। बैठक में पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव से पहले किए जाने वाले सभी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही संबंधित निकायों में पार्टी की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
इस दौरान सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस नेता अमरजीत भगत द्वारा स्मृति ईरानी को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमरजीत भगत पहले टीएस सिंहदेव से निपट लें, फिर इस तरह की बयानबाजी करें। पाण्डेय ने कहा कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी का पार्टी को लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है। उनके छत्तीसगढ़ आगमन से प्रदेश संगठन में ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस स्मृति ईरानी से भयभीत है और उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन से प्रदेश संगठन को नई दिशा मिल रही है। कुल मिलाकर दिसंबर में होने वाले 13 नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर समितियों के गठन के साथ प्रत्याशी चयन और चुनावी प्रबंधन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


