रायपुर :- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के सह-संस्थापक और कथित सट्टा सिंडिकेट के प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। बुधवार, 4 नवंबर को अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत को गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि मिलना अभी बाकी है।

रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही महादेव सट्टा ऐप के कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर रवि उप्पल पर है। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से कथित सट्टा नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं।

UAE से भारत लाने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की जानकारी दी है। भारतीय जांच एजेंसियां UAE के अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त करने और उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला रवि उप्पल लंबे समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर है। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई में उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन करीब 45 दिनों बाद उसे रिहा कर दिया गया था। जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध भी भेजा था।

हवाला नेटवर्क और रसूखदारों से संपर्क की जांच

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में रवि उप्पल को महादेव ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का अहम हिस्सा बताया गया है। उस पर कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये के हवाला लेन-देन को संचालित करने और छत्तीसगढ़ में प्रभावशाली लोगों से संपर्क रखने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रवि उप्पल से पूछताछ के दौरान अवैध कमाई, हवाला नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और कथित लाभार्थियों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल पर शिकंजा

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत लाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रायपुर की विशेष अदालत ने उसे आठ दिनों की CBI हिरासत में भेजा है। अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर के बाद भारतीय एजेंसियों की ओर से उसे भी भारत लाने की प्रक्रिया तेज किए जाने की संभावना है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े कथित 6,000 करोड़ रुपये के सिंडिकेट की जांच जारी है। ऐसे में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से पूछताछ इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, हवाला कारोबार और अन्य कथित संलिप्त लोगों की भूमिका उजागर करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण को लेकर UAE की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।