केशकाल :- छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। केशकाल पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 407 किलो 910 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 3 लाख 95 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही ओडिशा नंबर की महिंद्रा एक्सयूवी-500 सहित अन्य सामान भी जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक सिल्वर रंग की महिंद्रा एक्सयूवी-500 में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही केशकाल पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए संदिग्ध वाहन की पहचान कर उसे रोकने की कार्रवाई की। पुलिस टीम ने जब वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली तो अंदर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गांजे के पैकेट भूरे रंग के सेलोटेप से अच्छी तरह पैक किए गए थे, ताकि उन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सके।

78 पैकेट में छिपाकर रखा गया था 407 किलो गांजा

वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कुल 78 पैकेट मिले। इन पैकेटों को खोलकर जांच करने पर उनमें 407 किलो 910 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 3 लाख 95 हजार 500 रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल वाहन और उसमें मौजूद अन्य सामान को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक कार्रवाई में सामने आया कि तस्करी के लिए ओडिशा में पंजीकृत महिंद्रा एक्सयूवी-500 का इस्तेमाल किया जा रहा था।

राजस्थान का रहने वाला आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान दीपक कुमार माली, उम्र 31 वर्ष, निवासी प्रतापगढ़, राजस्थान के रूप में हुई है। आरोपी दूसरे राज्य का निवासी है और उसके कब्जे से छत्तीसगढ़ में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होना अंतरराज्यीय तस्करी की आशंका को और गंभीर बनाता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी गांजे की खेप कहां से लेकर आया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

2 करोड़ 18 लाख 96 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही महिंद्रा एक्सयूवी-500, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 2 करोड़ 18 लाख 96 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त की है। जब्त संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा गांजे का है। इतनी बड़ी कीमत की नशीली सामग्री और वाहन की जब्ती को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी न्यायिक हिरासत में

केशकाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार माली के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी पुलिस

इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान निवासी आरोपी तक गांजे की इतनी बड़ी खेप कैसे पहुंची और इसके पीछे किन लोगों का नेटवर्क काम कर रहा था। ओडिशा में पंजीकृत वाहन का इस्तेमाल किए जाने से गांजे की आपूर्ति और परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस की जांच में गांजे के स्रोत, संभावित खरीदारों और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। फिलहाल, केशकाल पुलिस की इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक बड़ी सफलता दर्ज की है।