देश की टेलीकॉम और शेयर बाजार की दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारती एयरटेल ने एक बार फिर रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ते हुए देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। शेयर बाजार में आई तेजी ने एयरटेल की मार्केट वैल्यू को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वहीं, कुछ दिन पहले ही शानदार लिस्टिंग के दम पर दूसरे स्थान पर पहुंचने वाली जियो अब तीसरे नंबर पर खिसक गई है। इस बदलाव के बाद देश की टॉप-5 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची भी चर्चा में आ गई है।
कैसे एयरटेल ने जियो को पछाड़ा?
दरअसल, 6 नवंबर 2026 को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान भारती एयरटेल के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसके चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 13.15 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। दूसरी तरफ जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और उसका मार्केट कैप करीब 12.95 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह एयरटेल ने जियो को पीछे छोड़कर एक बार फिर दूसरा स्थान हासिल कर लिया। 
28 अक्टूबर को जियो ने हासिल किया था दूसरा स्थान
आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की थी। कंपनी की लिस्टिंग के बाद उसका मार्केट कैप करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया था और उसने एयरटेल को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया था। हालांकि, महज कुछ कारोबारी दिनों के भीतर शेयरों में आए उतार-चढ़ाव ने रैंकिंग बदल दी और एयरटेल दोबारा दूसरे नंबर पर पहुंच गई।
देश की टॉप-5 सबसे मूल्यवान कंपनियां
अब बात करते हैं देश की उन पांच कंपनियों की, जिनका मार्केट कैप सबसे ज्यादा है। 6 नवंबर 2026 को बाजार बंद होने के आंकड़ों के मुताबिक टॉप-5 की सूची इस प्रकार है:
1. रिलायंस इंडस्ट्रीज – 17.86 लाख करोड़ रुपये
2. भारती एयरटेल – 13.15 लाख करोड़ रुपये
3. जियो प्लेटफॉर्म्स – 12.95 लाख करोड़ रुपये
4. एचडीएफसी बैंक – 12.16 लाख करोड़ रुपये
5. आईसीआईसीआई बैंक – 11.28 लाख करोड़ रुपये।
एयरटेल के मुनाफे में भी हुई बढ़ोतरी
एयरटेल की इस उपलब्धि के पीछे कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों को भी अहम माना जा रहा है। कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही में 8,887.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, कंपनी का भारत में मोबाइल रेवेन्यू भी बढ़ा है। बेहतर कारोबारी प्रदर्शन और शेयरों में तेजी ने कंपनी की मार्केट वैल्यू को मजबूती दी है। 
इस तरह शेयर बाजार में कुछ ही दिनों के भीतर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हालांकि, यह रैंकिंग मार्केट कैप के आधार पर है और शेयरों की कीमतों में बदलाव के साथ इसमें आगे भी उतार-चढ़ाव हो सकता है।
नोट: मार्केट कैप के आंकड़े 6 नवंबर 2026 को बाजार बंद होने के समय के हैं। यह मोबाइल ग्राहकों की संख्या के आधार पर रैंकिंग नहीं, बल्कि कंपनियों के बाजार मूल्य की रैंकिंग है।


