रायपुर :- छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य अधिकारियों को आधार प्रमाणीकरण, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना था।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि आधार प्रमाणीकरण से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलती है। उन्होंने ऑफलाइन सत्यापन की उपयोगिता और फिंगरप्रिंट आधारित प्रमाणीकरण से पीडीएस में पारदर्शिता बढ़ने की बात कही।
चिप्स के सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र संचालित हैं और अब तक 3 करोड़ 17 लाख से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं। विशेष शिविरों में 7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन किया गया है।
उन्होंने बताया कि यूआईडीएआई ने राज्य में 14 नए आधार सेवा केंद्रों की अनुमति दी है, जिनमें दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में संचालन शुरू हो चुका है। अन्य केंद्रों का कार्य प्रगतिरत है।
यूआईडीएआई के अधिकारियों ने आधार के सुरक्षित उपयोग, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन, तकनीकी व्यवस्था और डेटा सुरक्षा की जानकारी दी। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।


