रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास उच्च गुणवत्ता वाले खनिज, पर्याप्त बिजली और कुशल मानव संसाधन मौजूद हैं। सरकार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को लेकर विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप मिशन मोड में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के करीब 20 प्रतिशत स्टील और कोयला उत्पादन में योगदान देता है। प्रदेश में फिलहाल करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और आने वाले वर्षों में इसे 60 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि एनर्जी समिट में करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जबकि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सीएम साय ने कहा कि सरकार पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है। निवेशकों के लिए पूंजी निवेश, ब्याज और तकनीक पर सब्सिडी के साथ स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्गों और तेजी से विकसित हो रहे रेल नेटवर्क के कारण प्रदेश लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर बस्तर को अब पर्यटन की नई पहचान दिलाने की जरूरत है। पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने मीडिया से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और विकास की सकारात्मक कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि देश-दुनिया से पर्यटक बस्तर आएं और यहां की प्रकृति व संस्कृति को करीब से जानें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।


