रायपुर :- रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय अब नागरिक सुविधा के नए मॉडल के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। अब पंजीयन प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है।

कार्यालय में प्रवेश के साथ ही हेल्प डेस्क और रिसेप्शन की सुविधा उपलब्ध है। दस्तावेजों की शुरुआती जांच से कमियों की जानकारी पहले ही मिल जाती है, जिससे बार-बार कार्यालय आने की जरूरत कम हुई है। वहीं भीड़ और कतार को व्यवस्थित करने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।

मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले पर उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल और कैशलेस भुगतान की सुविधा भी शुरू की गई है। कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं और करीब 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है।

पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन, प्रतीक्षा, पंजीयन, डिजिटल भुगतान और दस्तावेज की जानकारी शामिल है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता के साथ वातानुकूलित प्रतीक्षालय, लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, पेयजल और शौचालय की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मॉडल पंजीयन कार्यालय में तकनीक के साथ कार्यसंस्कृति में भी बदलाव पर जोर दिया गया है। मजबूत आईटी व्यवस्था, समर्पित सर्वर रूम और क्यूआर कोड के जरिए फीडबैक की सुविधा उपलब्ध है। सरकार के अनुसार यह पहल नागरिकों के समय का सम्मान करने और सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।