आरंग :- आरंग के बनचरौदा इलाके में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक मृतक की हत्या उसके ही साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने की। मृतक का शव 17 सितंबर को बनचरौदा के पास मिला था, जिसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिवकुमार चंद्राकर और चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक थे। ग्रामीणों और एक चरवाहे ने मृतक को आखिरी बार चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर जाते देखा था। इसके बाद पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट खंगाली, जिसमें आरोपी की गतिविधियों को लेकर अहम जानकारी सामने आई।

पुलिस के अनुसार 17 सितंबर को चंद्रप्रकाश सुबह करीब 9:35 बजे स्कूल पहुंचा और कुछ देर बाद निजी काम का बहाना बनाकर बाहर चला गया। घटना के बाद दोपहर करीब 12:50 बजे वह स्कूल लौटा। पुलिस का कहना है कि उसने अपने मोबाइल से VSK ऐप पर लॉगिन करने के बजाय दूसरे शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की। लॉग रिपोर्ट की जांच से पुलिस को संदेह और मजबूत हुआ।

पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि वह और मृतक पिछले चार साल से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में निवेश-ट्रेडिंग करते थे। आरोपी के अनुसार उसने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे और तीन ब्लैंक चेक भी लिए थे। तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद बढ़ा और बनचरौदा के सुनसान इलाके में आरोपी ने धारदार हथियार और हथौड़े से हमला कर शिवकुमार की हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों मोबाइल फोन और घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने जूते, मोजे और कपड़े जब्त किए हैं। आरंग पुलिस और ACCU की कार्रवाई के बाद आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।