IIT रुड़की में NSA डोभाल बोले- पिछले 1,000 सालों में सबसे भाग्यशाली पीढ़ी हैं आज के युवा

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल शनिवार को IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने ग्रेजुएट्स को पिछले 1,000 सालों की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी बताते हुए कहा कि वे ऐसी बदली हुई दुनिया में कदम रख रहे हैं, जहां तकनीक की तेजी और नए अवसरों की भरमार है। संस्थान के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में 2,701 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहे।

डोभाल ने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने संघर्ष, गुलामी और कई तरह की पाबंदियों के दौर का सामना किया, जबकि आज के युवाओं के सामने बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्रों से बदलती दुनिया में तकनीक के महत्व को समझने और उपलब्ध अवसरों का उपयोग करने की अपील की। डोभाल ने IIT रुड़की की ऐतिहासिक विरासत की सराहना करते हुए छात्रों के सफर में योगदान देने वाले शिक्षकों और अभिभावकों का भी आभार जताया।

दीक्षांत समारोह में डोभाल ने अपने इंटेलिजेंस सर्विस के शुरुआती दिनों का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह युवा IPS अधिकारी थे और सिक्किम में इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तब बॉर्डर इलाकों में PLA और चीनी सेना की गतिविधियों पर नजर रखना भी उनकी जिम्मेदारी थी। इसी दौरान एक इंटेलिजेंस टीम मिशन पर गई, लेकिन तय समय पर वापस नहीं लौटी। कई दिन बीतने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि टीम के सदस्यों को चीनी सेना ने पकड़ लिया था और पूछताछ के बाद वापस भेजा गया।

डोभाल ने बताया कि इस घटना के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हुई और उन्हें लगा कि शायद उनका करियर खत्म हो जाएगा। हालांकि जांच में उन पर कोई कमी नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से उपलब्ध कराए गए स्केच और नक्शों में कुछ कमियां और गलतियां थीं, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी। डोभाल ने इस अनुभव को अपने शुरुआती करियर की एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में याद किया।

समारोह में सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा ऐसी दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, जो खुद को नए सिरे से ढालने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, उनकी पीढ़ी ने जिस वैश्विक व्यवस्था को देखा था, वह अब तेजी से बदल रही है। साल्वे ने युवाओं से कहा कि आज की दुनिया में तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और नई दुनिया के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

हरीश साल्वे ने युवाओं से आजादी और लोकतंत्र की उपलब्धियों को हल्के में नहीं लेने की अपील की। समारोह में IIT रुड़की के निदेशक केके पंत सहित संस्थान के फैकल्टी सदस्य, विद्यार्थी, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2,701 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं।