रायपुर :- छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल बंटवारा विवाद के समाधान की दिशा में हाल के दिनों में बातचीत तेज हुई है। दोनों राज्यों के बीच तकनीकी स्तर पर चर्चा चल रही है और केंद्र सरकार भी समाधान के लिए मध्यस्थता कर रही है। जुलाई 2026 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक भी हुई थी।
रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि महानदी जल विवाद से जुड़े विषय को केंद्रीय जल आयोग (CWC) के स्तर पर तकनीकी चर्चा के लिए आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस विवाद का समाधान हो जाएगा।
विवाद के समाधान के लिए दोनों राज्यों की तकनीकी टीमें केंद्रीय जल आयोग की अध्यक्षता में बैठकें कर रही हैं। उपलब्ध जल, उपयोग और दोनों राज्यों की आवश्यकताओं से जुड़े आंकड़ों का परीक्षण किया जा रहा है। 7 सितंबर को तकनीकी समिति की दूसरी बैठक में दोनों राज्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के विश्लेषण पर चर्चा हुई थी।
इस बीच महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण ने मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर तक टाल दी है। दोनों राज्यों के बीच 21 सितंबर को एक और तकनीकी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें जल बंटवारे के संभावित ढांचे पर चर्चा होनी है। हालांकि अंतिम समाधान अभी नहीं हुआ है और आगे की प्रक्रिया तकनीकी चर्चा तथा दोनों राज्यों के बीच सहमति पर निर्भर करेगी।
मुख्यमंत्री साय रविवार को ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि ओडिशा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना करेंगे। वहीं, मध्यप्रदेश के इंदौर में कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक टिप्पणी भी की।


