रायपुर :- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कवर्धा के ऐतिहासिक रानी सागर तालाब परिसर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान सिद्धेश्वर महादेव से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ उसकी समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव और कवर्धा क्षेत्र आस्था, इतिहास और संस्कृति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। सरकार का प्रयास है कि इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण करते हुए उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी तैयार किए जाएंगे।

मंत्री राजेश अग्रवाल उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए कवर्धा प्रवास पर हैं। केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए 145.99 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। परियोजना के तहत पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और प्रमुख स्थलों को समग्र पर्यटन अनुभव से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि भोरमदेव केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कॉरिडोर के विकास से पर्यटकों को मंदिरों की स्थापत्य कला, धार्मिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय संस्कृति का एक साथ अनुभव मिलेगा। साथ ही होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी पर्यटन से जोड़ना है। भोरमदेव कॉरिडोर आस्था, संस्कृति, इतिहास और विकास के सुंदर संगम का माध्यम बनेगा। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, पर्यटकों को अच्छा अनुभव और स्थानीय लोगों को पर्यटन के माध्यम से आय के नए अवसर मिल सकें।