रायपुर :- राजधानी में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महादेव घाट स्थित खारून नदी के किनारे बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों को सुरक्षा, रोशनी, चिकित्सा, यातायात और साफ-सफाई सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं 27 सितंबर को निकलने वाली गणेश झांकी के रूट को लेकर स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
खारून नदी में सीधे विसर्जन पर रोक
नगर निगम के अनुसार खारून नदी में प्रतिमाओं का सीधे विसर्जन नहीं किया जाएगा। शासन और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत पहले पूजन सामग्री को अलग कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा, इसके बाद प्रतिमाओं को निर्धारित कुंड में विसर्जित किया जाएगा। नदी और तालाबों को प्रदूषण से बचाने के साथ ध्वनि प्रदूषण और यातायात व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जाएगी।
महादेव घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं के लिए निगम ने विशेष समिति गठित की है और अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय को नोडल अधिकारी बनाया गया है। महादेव घाट पर क्रेन, गोताखोर, मोटर बोट, कंट्रोल रूम, मंच, शामियाना, लाइट, माइक, मजबूत रस्सियों और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी। लाखे नगर चौक पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेगी। 25 सितंबर से विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।
तालाबों में विसर्जन पर रोक, अस्थायी कुंड बनेंगे
तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब सहित अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक रहेगी। छोटी प्रतिमाओं के लिए अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। इसके अलावा विसर्जन रूट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सड़क मरम्मत और आवारा मवेशियों को हटाने की भी तैयारी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
झांकी रूट बदलने की व्यापारियों ने की मांग
27 सितंबर की गणेश झांकी को लेकर जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, सदर बाजार और सत्ती बाजार क्षेत्र में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। पोस्टरों के जरिए तेज आवाज वाले डीजे और धुमाल को लेकर नाराजगी जाहिर की गई है। सदर बाजार के व्यापारियों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर झांकी के मार्ग में बदलाव की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि कुछ रास्ते संकरे हैं और भारी भीड़ से यातायात प्रभावित होने के साथ बुजुर्गों व मरीजों को तेज ध्वनि से परेशानी हो सकती है।


