धमतरी :- विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर धमतरी जिले में पर्यटन की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। गंगरेल जलाशय के बीच विकसित हो रहा द्वीप अब जिले के अनुभव आधारित पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बन रहा है। शांत जलराशि, हरियाली, ठंडी हवाएं और लगभग 40 मिनट की बोट यात्रा पर्यटकों को प्रकृति के करीब पहुंचने का अनूठा अनुभव दे रही है।

गंगरेल के द्वीप पर आइलैंड कैंपसाइट के साथ एडवेंचर, नेचर और कम्युनिटी टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की गई है। सितंबर में आयोजित एफएएम ट्रिप में टूर ऑपरेटर्स को गंगरेल बांध, जलक्षेत्र और आसपास के पर्यटन स्थलों से परिचित कराया गया। इसके बाद आयोजित दो दिवसीय आइलैंड कैंपिंग में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और तमिलनाडु के पर्यटकों ने हिस्सा लिया। कैंपिंग के दौरान ट्रेकिंग, फिशिंग, स्विमिंग, बोनफायर, आउटडोर कुकिंग, बर्ड वॉचिंग और स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

धमतरी की पर्यटन पहचान केवल गंगरेल तक सीमित नहीं है। गंगरेल एडवेंचर स्पोर्ट्स, ठेमली आइलैंड, नरहरा वाटरफॉल, सिहावा स्थित महानदी उद्गम, रूद्री कॉरिडोर, कायकिंग, हरफर, मेचका, जबर्रा और निरई माता जैसे स्थल जिले में प्रकृति, रोमांच, आस्था और संस्कृति का विविध अनुभव प्रदान करते हैं। इन स्थलों को पर्यटन परिपथ से जोड़कर पर्यटकों को एक ही यात्रा में अलग-अलग अनुभव उपलब्ध कराने की संभावनाएं हैं।

पर्यटन के विकास से स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। बोटिंग, स्थानीय गाइड, कैंप प्रबंधन, भोजन, आतिथ्य, ट्रेकिंग, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कार्यों में युवाओं और महिला समूहों की भागीदारी पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ सकती है। स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवनशैली पर्यटकों के लिए अलग अनुभव बन सकते हैं।

धमतरी में पर्यटन विकास के साथ जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है। प्राकृतिक स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा, जैव विविधता और जल संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी जरूरी है। गंगरेल का द्वीप इस दिशा में एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत कर सकता है, जहां पर्यटन और प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाए।

विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए पर्यटन में बदलाव की ओर संकेत करती है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्मार्ट यात्रा योजना, ऑनलाइन पर्यटक सुविधाएं और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से धमतरी के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। गंगरेल से सिहावा और महानदी के तट से लेकर जलप्रपातों तक धमतरी प्रकृति, रोमांच, आस्था और संस्कृति का अनुभव देने वाली पर्यटन पहचान बना रहा है—जहां यात्रा केवल देखने की नहीं, बल्कि महसूस करने की भी है।