धमतरी :- सेवा संकल्प अभियान के तहत कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत मुल्ले में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत यहां जल स्रोतों में सेंड फिल्टर का निर्माण कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा एवं सतही जल को बेहतर तरीके से सहेजना, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना और गांव में जल स्रोतों को मजबूत करना है।
ग्राम मुल्ले में बारिश के दौरान बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को जल स्रोतों तक पहुंचाने और उसे जमीन में समाने में मदद करने के लिए सेंड फिल्टर तैयार किया गया है। इसमें रेत सहित प्राकृतिक छनन माध्यमों का उपयोग किया गया है, जो पानी के साथ आने वाली मिट्टी, गाद और अन्य ठोस अशुद्धियों को रोकने में सहायक होते हैं। इस प्रक्रिया से जल को अपेक्षाकृत स्वच्छ रूप में जमीन में पहुंचाने में मदद मिलती है।
सेंड फिल्टर निर्माण के लिए ग्राम पंचायत मुल्ले में 52 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। इसमें 11 हजार रुपए मजदूरी और 41 हजार रुपए सामग्री के लिए निर्धारित किए गए थे। कार्य पूरा होने के बाद स्वीकृत राशि के अनुरूप कुल 52 हजार रुपए व्यय हुए, जिसमें करीब 10.5 हजार रुपए मजदूरी पर खर्च किए गए।
इस कार्य से जल संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार का अवसर भी मिला। निर्माण में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से गांव में ही मजदूरी के माध्यम से आय का साधन उपलब्ध हुआ। योजना के तहत किए गए ऐसे कार्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी साबित हो रहे हैं।
ग्राम मुल्ले में कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और खेती के लिए जल की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में वर्षा जल को सहेजने और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने वाली संरचनाएं भविष्य में जल उपलब्धता बनाए रखने में सहायक हो सकती हैं। ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण की इस पहल से लोगों में पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने और उसके बेहतर उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
ग्राम मुल्ले का सेंड फिल्टर निर्माण कार्य जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आया है। छोटे स्तर पर बनाई गई ऐसी संरचनाएं वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर स्थानीय जल स्रोतों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। यह पहल इस दिशा में भी संदेश देती है कि सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय स्तर के प्रयासों से गांवों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा की नींव मजबूत की जा सकती है।


