रायपुर :- वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महान सुर साधिका, स्वर साम्राज्ञी और ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि अपनी अद्वितीय आवाज, संगीत साधना और बेमिसाल गायकी से लता जी ने भारतीय संगीत जगत में ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि लता मंगेशकर ने दशकों तक अपनी मधुर आवाज से हिंदी सिनेमा के संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। ‘अजीब दास्तां है ये’, ‘लग जा गले’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’और ‘अल्लाह तेरो नाम’ जैसे उनके गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं। उनके सुरों में भावनाओं की गहराई और भारतीय संगीत की विविधता का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
उन्होंने कहा कि लता जी की आवाज में देशभक्ति, प्रेम, भक्ति और संवेदना हर रंग पूरी शिद्दत से सुनाई देता था। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे गीत ने देशवासियों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना को गहराई से स्पर्श किया, वहीं ‘अजीब दास्तां है ये’और ‘लग जा गले’ जैसे गीतों ने प्रेम और विरह की भावनाओं को अमर स्वर दिया।
वित्त मंत्री ने कहा कि लता मंगेशकर के स्वर में सजे असंख्य गीतों ने संगीत प्रेमियों के हृदय में विशेष स्थान बनाया और कई पीढ़ियों को अपनी ओर आकर्षित किया। फिल्मों से लेकर भक्ति संगीत तक, उनकी गायकी का प्रभाव व्यापक रहा। संगीत के प्रति उनका समर्पण, अनुशासन और साधना आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारतीय संगीत और कला जगत में लता मंगेशकर का अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी आवाज भारतीय संगीत की ऐसी विरासत है, जो समय के साथ और भी समृद्ध होती जाएगी। लता जी की जयंती पर उन्होंने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनके अमर गीत और सुरों की विरासत हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।


