रायपुर :-एमएसएमई कॉन्क्लेव के दूसरे दिन पेशेवरों के व्यावहारिक क्षमता निर्माण पर जोर रहेगा। दूसरे दिन आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों में एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को उत्पादन क्षमता, कार्यकुशलता और उत्पादकता बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
कॉन्क्लेव में टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (टीपीएम) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को मशीनों और उपकरणों की दक्षता बढ़ाने, उनके बेहतर रखरखाव और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों से अवगत कराया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान डाउनटाइम कम करनेपर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बताया जाएगा कि उपकरणों में होने वाली खराबियों को समय रहते पहचानकर उत्पादन में होने वाले व्यवधान को किस तरह कम किया जा सकता है। इससे उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सुचारु और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
इसके बाद “काइजेन विद एआई” विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होगा। इसमें शॉप-फ्लोर पर निरंतर सुधार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को एआई के जरिए उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार के संभावित तरीकों से परिचित कराया जाएगा।
एमएसएमई कॉन्क्लेव का दूसरा दिन तकनीक, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। टीपीएम और एआई आधारित काइजेन जैसे विषयों के माध्यम से पेशेवरों को उत्पादन व्यवस्था को बेहतर बनाने, कार्यक्षमता बढ़ाने और निरंतर सुधार की दिशा में उपयोगी जानकारी दी जाएगी।


