रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बात मंत्रालय महानदी भवन में पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में कही।

मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने जिला कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई विकास परियोजनाओं में विभिन्न विभागों की अनुमति और सहयोग आवश्यक होता है, इसलिए अंतर्विभागीय समन्वय से काम करने पर परियोजनाओं में होने वाली देरी कम होगी और समय व लागत की बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल एवं पारदर्शी तरीके से दिलाने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। उन्होंने डिजिटल फसल सर्वेक्षण में पीछे चल रहे जिलों को भी निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रदेश में हाल की भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित 17 जिलों के 500 से अधिक गांवों में राहत एवं सहायता कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षति का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा कर पात्र परिवारों तक सहायता राशि पहुंचाने, राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की कार्रवाई भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, लोक निर्माण विभाग की सड़क एवं पुल-पुलिया परियोजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों में भूमि, अनुमति और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय से दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि कार्यों में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका परिणाम धरातल पर दिखाई दे और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर शासन की योजनाओं का लाभ मिले।