रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में अतिथि व्याख्याताओं की नीति में संशोधन, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने के निर्णय का अनुसमर्थन और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने से जुड़े नियमों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 की संशोधित नीति-2026 का कार्योत्तर अनुमोदन किया। नई व्यवस्था के तहत मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। वहीं, शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम पांच महीने अध्यापन करने पर अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों में से 5 अंक दिए जाएंगे।
कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उनके पूर्व कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही मानदेय में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखंड आधारित व्यवस्था की जगह कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाएगी। अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े प्रावधान भी स्पष्ट किए गए हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितंबर 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की घोषणा के बाद अब कैबिनेट ने इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जारी आदेश का अनुसमर्थन किया है। इसके तहत फिल्म के प्रदर्शन पर दर्शकों से लिए जाने वाले राज्य माल एवं सेवा कर यानी SGST के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को की जाएगी।
कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को मंजूरी दी गई है। इन नियमों में नियुक्ति और सेवा शर्तों के साथ भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया तय की गई है। इसका लाभ पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी जैसे तृतीय श्रेणी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा।


