रायपुर :- डॉ. राधाबाई कन्या महाविद्यालय में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की करीब 300 छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान एसीपी ट्रैफिक सीमा आहिरवार ने छात्राओं को यातायात नियमों के पालन के साथ सड़क सुरक्षा, सिविक सेंस और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसीपी ट्रैफिक सीमा आहिरवार ने कहा कि केवल कानून और नियम बना देने से कोई देश विकसित नहीं बनता। इसके लिए नागरिकों में नियमों के प्रति स्वअनुशासन, जिम्मेदारी और सिविक सेंस का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में लोग यातायात नियमों का पालन केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी समझकर करते हैं।
उन्होंने छात्राओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि विकासशील से विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा सिर्फ सड़कों, वाहनों और तकनीक के विकास से पूरी नहीं होगी। इसके लिए नागरिकों की सोच और व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव जरूरी है। लेन का पालन करना, पैदल यात्रियों को रास्ता देना, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना तथा अनावश्यक हॉर्न से बचना जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के उदाहरण हैं।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी और आपसी सहयोग का संदेश भी दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि यातायात सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। सड़क पर छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के आयोजन में लायंस क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्लब के सहयोग से छात्राओं तक यातायात सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब नागरिक यातायात नियमों को मजबूरी नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझकर अपनाएंगे, तभी सुरक्षित सड़कें, अनुशासित नागरिक और बेहतर समाज का निर्माण संभव होगा।


