रायपुर :- छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर आज नई दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत दोनों राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में महानदी के जल बंटवारे और दोनों राज्यों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।

दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे मानेंगी। इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हो चुकी है, जिसमें विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान पर चर्चा हुई थी।

मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री 2 से 7 अक्टूबर के बीच सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे और वहां निवेशकों, उद्योग जगत तथा कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दौरे में उद्योग, तकनीक, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े अवसरों को सामने रखने पर जोर रहेगा।

सिंगापुर दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी है। राज्य की ओर से निवेश, एमएसएमई, स्टार्टअप, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं को प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार की ओर से इसे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं, आज होने वाली महानदी बैठक पर दोनों राज्यों की नजरें टिकी हैं। बैठक में जल बंटवारे और संबंधित मुद्दों पर दोनों पक्ष अपना पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री साय के बयान के अनुसार, दोनों राज्यों के हित में होने वाले निर्णय को स्वीकार करने की बात कही गई है। अब बैठक में होने वाली चर्चा और सामने आने वाले निर्णय से महानदी जल विवाद को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट होगी।