रायपुर :- महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय खादी सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की। इस दौरान खादी वस्त्रों पर 31 मार्च 2027 तक 25 प्रतिशत विशेष छूट और ‘सेल्फी विद खादी’ अभियान की शुरुआत की गई।

मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय वस्तुओं की खरीद से कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्र सहित स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी खादी, स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि खादी और चरखा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि स्वावलंबन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े हैं। इस अवसर पर बुनकरों, हितग्राहियों और विभिन्न संस्थानों को सम्मानित भी किया गया।

आयोजन के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की गई। रेशम विभाग ने ‘अमारी सिल्क’ ब्रांड का अनावरण किया, जबकि हाथकरघा विभाग ने बस्तर के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए। अंबिकापुर में खादी के प्रीमियम सेल्स आउटलेट और रायपुर जिले के कूंवरगढ़ में नवनिर्मित खादी उत्पादन केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ हुआ। साथ ही खादी एवं हैंडलूम उत्पादों के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत और बस्तर के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण की पहल की गई।

प्रदर्शनी में खादी, ग्रामोद्योग, रेशम, हैंडलूम और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। महिला स्व-सहायता समूहों ने वेस्ट क्लॉथ से तैयार स्वदेशी खिलौनों का प्रदर्शन किया, वहीं बस्तर क्षेत्र की महिला समूहों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, बुनकर समुदाय के प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोग मौजूद रहे।