शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने वाला है और इसके साथ ही घरों में साफ-सफाई और तैयारियों का दौर भी शुरू हो गया है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई लोग पूजा से पहले घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित करते हैं। इस बार सफाई करते समय सिर्फ धूल-मिट्टी हटाने के बजाय घर में लंबे समय से बेकार पड़ी चीजों को भी बाहर करना बेहतर माना जाता है।

सबसे पहले रसोई और स्टोर में रखे टूटे-फूटे बर्तन, चटके कप-प्लेट, पुराने या खराब डिब्बे और ऐसे सामान को अलग कर दें, जिनका लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसी तरह खराब चार्जर, पुराने केबल, इयरफोन और काम नहीं करने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान भी घर में बेवजह जगह घेरते हैं। सफाई के दौरान इन सामानों को छांटकर कबाड़ या ई-वेस्ट के उचित निपटान की व्यवस्था करना बेहतर रहेगा।

अलमारी और जूते रखने की जगह की सफाई करते समय पुराने कपड़ों और जूते-चप्पलों को भी जरूर छांटें। जो सामान इस्तेमाल में नहीं है लेकिन अच्छी स्थिति में है, उसे जरूरतमंदों को दान किया जा सकता है। वहीं घर के मंदिर की सफाई करते समय टूटी या खंडित मूर्तियों और खराब धार्मिक तस्वीरों को सम्मानपूर्वक उचित धार्मिक व्यवस्था के अनुसार हटाएं। धार्मिक मान्यताओं में खंडित मूर्तियों को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता है।

इसके अलावा बंद पड़ी घड़ियां, टूटे शोपीस, चटका हुआ शीशा और खराब सजावटी सामान भी घर से निकालने का समय यही है। घर में रखे पूरी तरह सूख चुके पौधे, सूखे फूल और पुरानी फूल-मालाओं को भी हटा दें। इन चीजों को हटाने से घर ज्यादा व्यवस्थित और खुला हुआ नजर आएगा। खासकर नवरात्रि की पूजा के लिए जिस स्थान का इस्तेमाल होना है, वहां अनावश्यक सामान बिल्कुल न रखें।

नवरात्रि की तैयारियों के दौरान कुछ लोग धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में तामसिक मानी जाने वाली चीजों को भी हटाते हैं। यदि घर में पुरानी शराब की बोतलें या अन्य ऐसी वस्तुएं रखी हैं जिनका इस्तेमाल नहीं होता, तो उन्हें उचित तरीके से निपटाएं। वहीं नवरात्रि के दौरान खान-पान को लेकर परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार निर्णय ले सकता है। कुल मिलाकर, नवरात्रि से पहले घर की सफाई का उद्देश्य सिर्फ चमक-दमक नहीं, बल्कि अनावश्यक सामान को हटाकर घर को स्वच्छ, व्यवस्थित और पूजा के लिए तैयार करना भी है।