नई दिल्ली :- 2036 ओलिंपिक की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भारत समेत कुल सात देश शामिल हैं। इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने इन देशों की दावेदारी की पुष्टि की है। भारत ने मेजबानी के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित ओलिंपिक शहर बनाया है। भारत के अलावा कतर, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, हंगरी, तुर्किये और दक्षिण अफ्रीका भी मेजबानी की रेस में हैं।

2036 ओलिंपिक के मेजबान का फैसला तत्काल नहीं होगा। IOC की मौजूदा प्रक्रिया के तहत मार्च 2027 में उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। इसके बाद चुने गए उम्मीदवारों को खेल स्थलों, वित्तीय व्यवस्था, गवर्नेंस और आयोजन क्षमता समेत अपनी विस्तृत योजनाएं IOC के सामने पेश करनी होंगी। इसके बाद अंतिम चरण में 2029 के मध्य में होने वाले IOC सेशन में वोटिंग के जरिए मेजबान का फैसला किया जाएगा।

भारत की दावेदारी इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के जरिए आगे बढ़ रही है। IOA ने 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए IOC को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा है। प्रस्ताव में अहमदाबाद को मुख्य केंद्र बनाया गया है। शहर में नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत बड़े खेल आयोजनों के लिए कई प्रमुख सुविधाएं मौजूद हैं, जबकि प्रस्तावित 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी अहमदाबाद के नाम पर है।

IOC ने इस बार ओलिंपिक मेजबानी के लिए पिछली प्रक्रियाओं की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी और खुला तरीका अपनाया है। IOC अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री के कार्यभार संभालने के बाद पिछली फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया को रोक दिया गया था। अब कई उम्मीदवारों की योजनाओं की तुलना के बाद मेजबान का चयन होगा। इसमें केवल बड़े स्टेडियम या निर्माण परियोजनाएं ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के अनुभव और आयोजन की प्रभावी क्षमता को भी महत्व दिया जाएगा।

भारत के लिए 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की दावेदारी भी 2036 ओलिंपिक की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। अगर अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलती है, तो भारत को बड़े बहु-खेल आयोजन की तैयारी और आयोजन क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। भारत इससे पहले 1951 और 1982 के एशियाई खेलों तथा 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है।

फिलहाल 2028 ओलिंपिक की मेजबानी अमेरिका के लॉस एंजिल्स और 2032 ओलिंपिक की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन को मिली हुई है। ऐसे में भारत की नजर 2036 पर है। अब सबसे बड़ी चुनौती भारतीय दावेदारी का शॉर्टलिस्ट होना और उसके बाद IOC के सामने अहमदाबाद की विस्तृत योजना को मजबूती से पेश करना होगी। अंतिम फैसला 2029 में वोटिंग के जरिए होगा।