ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। सफर में सीट, बर्थ, दरवाजे, खिड़की और दूसरी सार्वजनिक सतहों के संपर्क में आने के साथ-साथ ट्रेन के वॉशरूम का इस्तेमाल भी करना पड़ता है। ऐसे में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कुछ आसान हाइजीन टिप्स अपनाकर यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है।
सबसे जरूरी है कि खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ किया जाए। ट्रेन में सफर के दौरान कई सतहों को छूने के बाद हाथों पर गंदगी और कीटाणु आ सकते हैं। ऐसे में साबुन और पानी से हाथ धोना सबसे बेहतर तरीका है। अगर पानी उपलब्ध नहीं है तो अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यात्रियों को अपनी पानी की बोतल साथ रखने और दूसरे लोगों के गिलास या बोतल का इस्तेमाल करने से बचने की भी सलाह दी जाती है।
सफर के दौरान खाने-पीने की चीजों को लंबे समय तक खुला छोड़ने से बचना चाहिए। घर से खाना लेकर जा रहे हैं तो उसे साफ और बंद कंटेनर में रखना बेहतर है। कटे हुए फल या जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखने से बचें। वहीं, सीट और आसपास की जगह पर गंदगी नजर आए तो उसे साफ कर लें। जरूरत पड़ने पर डिसइंफेक्टेंट वाइप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि हाथों की सफाई को प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है।
ट्रेन के वॉशरूम का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। वॉशरूम से बाहर आने के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं और बिना हाथ साफ किए आंख, नाक या मुंह को छूने से बचें। यात्रियों को अपना तौलिया, रुमाल, पानी की बोतल और अन्य व्यक्तिगत सामान दूसरों के साथ शेयर करने से भी बचना चाहिए। बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
लंबी यात्रा के लिए अपने साथ एक छोटा हाइजीन किट रखना भी उपयोगी हो सकता है। इसमें हैंड सैनिटाइजर, टिश्यू, वेट वाइप्स, साबुन और जरूरत की दूसरी व्यक्तिगत स्वच्छता सामग्री रखी जा सकती है। सफर के दौरान चेहरे को बार-बार छूने से बचना चाहिए, क्योंकि हाथ कई सार्वजनिक सतहों के संपर्क में आते हैं। इसके अलावा ट्रेन में कचरा इधर-उधर न फैलाएं और खाने के पैकेट व टिश्यू को निर्धारित स्थान पर ही डालें।
अगर किसी यात्री को पहले से सर्दी-जुकाम या कोई संक्रामक बीमारी है तो उसे खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकने के साथ दूसरों से उचित दूरी बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। सफर के बाद लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या संक्रमण से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। थोड़ी-सी सावधानी और साफ-सफाई की आदत लंबी ट्रेन यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकती है।


