नई दिल्ली :- दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी अमेजन ने वैश्विक स्तर पर एक बार फिर कॉरपोरेट कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ताजा छंटनी में अमेरिका, भारत और ब्रिटेन समेत अलग-अलग देशों में काम कर रहे 1,000 से कम व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों पर असर पड़ा है। खास बात यह है कि कंपनी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब उसका बड़ा शॉपिंग इवेंट ‘प्राइम बिग डील डेज’ चल रहा था।
इस छंटनी की जानकारी भारत और ब्रिटेन में प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी के आंतरिक स्लैक चैनलों के जरिए दी गई। अमेजन में पिछले कुछ समय से कॉरपोरेट स्तर पर पुनर्गठन जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कंपनी करीब 30,000 कॉरपोरेट नौकरियों में कटौती कर चुकी है। ऐसे में नई छंटनी से संकेत मिलता है कि अमेजन का लागत घटाने और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने का अभियान अभी जारी है।
इस बार छंटनी का मुख्य फोकस अमेजन के ‘स्टोर्स’ बिजनेस पर है। यही डिवीजन कंपनी के प्रमुख ई-कॉमर्स ऑपरेशंस को संभालता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक सेवा और सेलिंग पार्टनर सर्विसेज से जुड़ी टीमें इस फैसले से ज्यादा प्रभावित हुई हैं। हालांकि, कंपनी के अन्य हिस्सों में भी कुछ भूमिकाओं पर असर पड़ने की संभावना है। अमेजन ने इसे बड़े पैमाने की कटौती के बजाय स्टोर्स बिजनेस के भीतर सीमित संख्या में भूमिकाओं में बदलाव बताया है।
अमेजन के प्रवक्ता ने भी छंटनी की पुष्टि करते हुए कहा कि स्टोर्स बिजनेस के कुछ हिस्सों में बदलाव किया गया है। कंपनी का मानना है कि नया संगठनात्मक ढांचा उसकी मौजूदा प्राथमिकताओं को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद करेगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि पुनर्गठन से प्रभावित कर्मचारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इस ताजा कदम ने एक बार फिर टेक इंडस्ट्री में नौकरियों और कंपनियों की लागत कम करने की रणनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
अमेजन की लगातार जारी छंटनी को टेक सेक्टर में चल रहे व्यापक पुनर्गठन के संदर्भ में देखा जा रहा है। कंपनी एक तरफ अपने ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कारोबार को अधिक कुशल बनाने पर जोर दे रही है, तो दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रही है। भारत समेत कई देशों में कर्मचारियों पर इसका असर पड़ना इस बात का संकेत है कि अमेजन का यह पुनर्गठन केवल अमेरिकी बाजार तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में कंपनी के अलग-अलग बिजनेस यूनिट में और बदलाव होते हैं या नहीं, इस पर कर्मचारियों और टेक इंडस्ट्री की नजर बनी रहेगी।


