रायपुर :- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने शहर में साफ-सफाई की कमजोर व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में लापरवाही और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नागरिकों को कस्टमर मानकर करें काम
रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित प्रशासन और ईज ऑफ लिविंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कस्टमर की तरह मानकर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता और जवाबदेही के साथ निराकरण किया जाना चाहिए। जिस तरह ग्राहक समय पर सेवा और शिकायतों का उचित समाधान चाहता है, उसी तरह नागरिकों को भी बेहतर और समयबद्ध सुविधाएं मिलनी चाहिए।
साफ-सफाई और प्रधानमंत्री आवास योजना पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था की कमजोर स्थिति पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को गंदगी की तस्वीरें दिखाकर सफाई व्यवस्था मजबूत करने की हिदायत दी। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों की समीक्षा के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि गरीबों के आवास निर्माण में गुणवत्ता से समझौता और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति से जुड़े सवालों पर जोन-8 की जोन आयुक्त राजेश्वरी पटेल स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताते हुए योजना के कार्यों की जानकारी और प्रगति की नियमित समीक्षा पर जोर दिया। इसके अलावा, जेम पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया में देरी के मामले में प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश कड़ू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नगरोत्थान योजना के कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर अधीक्षण अभियंता इमरान खान को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मॉर्निंग विजिट और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
प्रमुख सचिव बोरा ने जोन आयुक्तों, उपायुक्तों और अपर आयुक्तों को प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट करने तथा उसकी रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और योजनाओं के क्रियान्वयन की मुख्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने नए नालंदा परिसर में दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा वाटर ट्रीटमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के तहत शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य आगामी मार्च तक पूरा करने तथा निदान-1100 में प्राप्त नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग और रायपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता तथा सभी जोनों के आयुक्त उपस्थित रहे।


