हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। इस साल नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हुई है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को होगा। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल में चार बार नवरात्र आते हैं। धार्मिक मान्यताओं में नवरात्र के नौ दिनों को नौ ग्रहों से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इन दिनों देवी की आराधना करने से सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता प्राप्त होती है।

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री और दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री का संबंध सूर्य और मां ब्रह्मचारिणी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। इनकी पूजा से मान-सम्मान, आत्मविश्वास, मानसिक शांति और एकाग्रता की कामना की जाती है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है, जिनका संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। इनकी पूजा साहस, ऊर्जा और पराक्रम के लिए शुभ मानी जाती है।

नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा और पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मां कूष्मांडा का संबंध बुध और मां स्कंदमाता का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक है, जबकि बृहस्पति ज्ञान, शिक्षा और समृद्धि से जुड़ा है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से पूजा करके बुद्धि, शिक्षा और कारोबार में सफलता की कामना करते हैं। पांचवें दिन पीले वस्त्र धारण करना भी शुभ माना जाता है।

छठे दिन मां कात्यायनी और सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी का संबंध शुक्र और मां कालरात्रि का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक है, जबकि शनि कर्म और न्याय से जुड़ा है। मां कात्यायनी की पूजा सुखी वैवाहिक जीवन के लिए और मां कालरात्रि की आराधना भय, बाधाओं तथा नकारात्मकता से मुक्ति की कामना के साथ की जाती है।

नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में मां महागौरी का संबंध राहु और मां सिद्धिदात्री का संबंध केतु से माना जाता है। मां महागौरी को शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, जबकि मां सिद्धिदात्री की आराधना आध्यात्मिक उन्नति और सिद्धियों की प्राप्ति के लिए की जाती है। इन दिनों भक्त मंत्र जाप, दुर्गा सप्तशती का पाठ, व्रत और दान-पुण्य करके मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के नौ दिन देवी की भक्ति, साधना और आत्मचिंतन के लिए विशेष माने जाते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा-पाठ और जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं। हालांकि, नौ देवियों और नौ ग्रहों के बीच संबंध अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। ग्रहों को मजबूत करने से जुड़े उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।