Apple के आगामी iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अक्टूबर के लिए इन स्मार्टफोन के पार्ट्स के ऑर्डर शुरुआती योजना की तुलना में 15 से 20 फीसदी तक कम कर दिए हैं। इसके पीछे बढ़ती लागत और महंगे स्मार्टफोन की संभावित मांग को वजह माना जा रहा है। हालांकि, Apple ने इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, इसलिए इसे फिलहाल एक अपुष्ट दावा ही माना जाना चाहिए।
रिपोर्ट में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की कीमत 1,299 डॉलर बताई गई है। पिछले मॉडल की तुलना में 100 डॉलर तक कीमत बढ़ने की संभावना के बीच ग्राहकों के खरीदारी फैसले पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 30 से अधिक बाजारों में डिलीवरी के लिए लगने वाला इंतजार कम हुआ है। हालांकि, डिलीवरी का समय कम होना अपने आप में बिक्री घटने का पुख्ता प्रमाण नहीं है।
Apple के लिए मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत भी चुनौती बन सकती है। AI डेटा सेंटर के विस्तार के कारण एडवांस चिप और मेमोरी की मांग बढ़ रही है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट की सप्लाई और लागत पर दबाव पड़ सकता है। ऐसे में स्मार्टफोन कंपनियों के सामने उत्पादन खर्च को नियंत्रित रखने और ग्राहकों के लिए कीमत प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की चुनौती रहती है। हालांकि, इस लागत का iPhone 18 Pro की मांग पर कितना असर पड़ा है, यह स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, Apple इस बार अपने प्रीमियम iPhone मॉडल पहले पेश कर सकता है, जबकि रेगुलर iPhone 18 और iPhone Air के लिए 2027 तक इंतजार करना पड़ सकता है। अगर ऐसा होता है, तो कम कीमत में नया iPhone खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के पास शुरुआती दौर में विकल्प सीमित हो सकते हैं। हालांकि, लॉन्च की तारीख और उपलब्धता को लेकर कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
फिलहाल, पार्ट्स के ऑर्डर में कथित कटौती को Apple के बड़े नुकसान या iPhone की बिक्री में गिरावट का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी। कंपनी के वास्तविक प्रदर्शन का आकलन बिक्री के आंकड़ों, राजस्व और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही किया जा सकेगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि बढ़ती कीमतों के बावजूद ग्राहक नए iPhone Pro मॉडल में कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं और Apple अपनी उत्पादन रणनीति में क्या बदलाव करती है।


