राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पारिवारिक विवाद और बीमारी को लेकर जादू-टोने के संदेह के बीच एक महिला और उसके बेटे की हत्या कर दी गई, जबकि बेटी पर भी जानलेवा हमला किया गया। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमंत कुमार सोनकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने कपड़े और हथियार के लकड़ी के बेंट को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

मामला 9 अक्टूबर का है, जब सुखी सोनकर अपने घर पहुंचा तो उसकी पत्नी कमला सोनकर और बेटा खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में मिले, जबकि बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल थी। घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस ने जांच शुरू की और घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान फरार चल रहे हेमंत कुमार सोनकर पर संदेह गहराया, जिसे 12 अक्टूबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस की जांच के अनुसार, परिवार में सदस्यों की तबीयत खराब होने को लेकर जादू-टोने का संदेह और पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते हेमंत ने अपनी चाची कमला सोनकर और चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर पर धारदार हथियार से हमला किया। इस दौरान चचेरी बहन ममता सोनकर भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस की पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सोनू सोनकर और केशर सोनकर की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई थी। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लोहे की टंगिया और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा, वारदात के समय पहने गए कपड़ों और टंगिया के लकड़ी के बेंट को जलाकर नष्ट करने के प्रयास से जुड़े अवशेष भी मिले हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत कुमार सोनकर (36), सोनू सोनकर (34) और केशर सोनकर (55), निवासी ग्राम चौथना, के रूप में हुई है। तीनों को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

चौथना गांव में हुए इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और जादू-टोने के संदेह को वारदात की वजह बताया गया है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और आपसी विवाद के गंभीर परिणामों पर सवाल खड़े किए हैं।