रायपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने विशेष पहल की है। पुलिस ट्रांजिट मेस, पुलिस लाइन रायपुर में 9 से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित चार दिवसीय पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। इस प्रशिक्षण में निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हुए कुल 70 महिला एवं पुरुष जवानों ने सफलता हासिल की। कार्यशाला का उद्देश्य वीआईपी सुरक्षा में तैनात होने वाले जवानों की शारीरिक दक्षता, सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाना था।
समापन कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि राजधानी होने के कारण रायपुर में वीआईपी, वीवीआईपी, केंद्रीय मंत्रियों और दूसरे राज्यों से आने वाले विशिष्ट अतिथियों का लगातार आगमन होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वीआईपी सुरक्षा एक संवेदनशील कार्य है, जिसमें अनुशासन, मानसिक सजगता और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता बेहद जरूरी है। सुरक्षा ड्यूटी में छोटी-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए जवानों को हमेशा सतर्क रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए कुल 86 महिला एवं पुरुष जवानों को नामांकित किया गया था। इनमें से 9 जवान शारीरिक दक्षता के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके, जबकि फायरिंग प्रशिक्षण और निर्धारित अंकों के मूल्यांकन में 7 अन्य प्रशिक्षु सफल नहीं हो पाए। इस तरह कुल 70 जवानों ने निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग का अभ्यास, पॉइंट शूटिंग, ड्राई प्रैक्टिस, स्क्वाड ड्रिल और वन-मैन एवं टू-मैन पीएसओ की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में वीआईपी के निवास और कार्यालय की सुरक्षा, एंटी-सबोटाज चेकिंग, एक्सेस कंट्रोल, मंच और सभा स्थल की सुरक्षा, रोड शो तथा कारकेड व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही संभावित खतरे की स्थिति में वीआईपी को सुरक्षित रखने के तरीकों और पीएसओ की जिम्मेदारियों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त निलेश कुमार द्विवेदी के पर्यवेक्षण में किया गया। इसमें रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी सहित पुलिस अधिकारियों और अनुभवी प्रशिक्षकों ने जवानों को प्रशिक्षण दिया।
समापन समारोह में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के साथ अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान पुरुष वर्ग में आरक्षक पलाश उपाध्याय और महिला वर्ग में महिला आरक्षक संतोषी टंडन को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित प्रशिक्षणार्थी के रूप में सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित जवान अपने कौशल और अनुभव का उपयोग करते हुए भविष्य में वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारियों को अधिक दक्षता, अनुशासन और सतर्कता के साथ निभाएंगे।


