रायपुर :- छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों के निशाने पर अब जनप्रतिनिधि भी आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उनके अकाउंट का इस्तेमाल कर संपर्क में मौजूद लोगों को फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं और उनसे पैसों की मांग की जा रही है। संदेश में यूपीआई ब्लॉक होने का हवाला देकर तत्काल 32 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी भेजा जा रहा है। इस घटना के बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

जानकारी के मुताबिक, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के हैक किए गए व्हाट्सएप अकाउंट से संदेश भेजकर कहा जा रहा है कि उनका यूपीआई ब्लॉक हो गया है और उन्हें तुरंत 32 हजार रुपये की जरूरत है। साइबर ठग कथित तौर पर क्यूआर कोड भेजकर लोगों से भुगतान कराने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के समय मंत्री सूरजपुर में आयोजित रोड सेफ्टी कार्यक्रम के तहत बाइक रैली से जुड़े आयोजन में व्यस्त थीं। मंत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी साझा कर व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी दी और लोगों को ऐसे संदेशों से सावधान रहने को कहा। मामले की शिकायत के बाद साइबर सेल जांच में जुट गई है।

इससे पहले 6 अक्टूबर 2026 को धरसींवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के अभिनेता अनुज शर्मा के मोबाइल नंबर के हैक या कम्प्रोमाइज होने का मामला भी सामने आया था। इस घटना को लेकर विधायक ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोगों को सावधान किया था। उन्होंने अपने नंबर से आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों पर भरोसा नहीं करने तथा बिना पुष्टि किए किसी को पैसे नहीं भेजने की अपील की थी। अब मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से जुड़ा मामला सामने आने के बाद जनप्रतिनिधियों के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि साइबर अपराधी परिचितों और जनप्रतिनिधियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों में ठग भरोसा जीतने के लिए जल्द पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं और क्यूआर कोड या संदिग्ध लिंक का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसों की मांग वाला संदेश मिलने पर पहले फोन करके उसकी पुष्टि करना जरूरी है। अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने और बिना सत्यापन ऑनलाइन भुगतान करने से बचना चाहिए।

फिलहाल मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़े मामले में साइबर सेल की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच कैसे बनाई गई और फर्जी संदेश किन लोगों को भेजे गए। वहीं, विधायक अनुज शर्मा से जुड़ी पिछली घटना ने भी साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने रखा था। लोगों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध संदेश या पैसे की मांग पर तुरंत भरोसा न करें और ऐसी गतिविधि सामने आने पर संबंधित व्यक्ति तथा पुलिस से संपर्क करें।