दंतेवाड़ा :- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना, उनके घावों पर मरहम लगाना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी।

अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दंतेवाड़ा में आयोजित निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। 15 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जाएंगे। इससे पहले जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित किए जाने की जानकारी भी दी गई।

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा और आईईडी विस्फोटों ने बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को दशकों तक गहरी पीड़ा दी है। केवल नक्सलवाद समाप्त कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को दोबारा आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन में खुशियां लौटाना भी जरूरी है। शिविर के माध्यम से जरूरतमंदों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें।

अमित शाह ने बस्तर में विकास की दिशा में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और नियद नेल्लानार जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब खेल, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए बैंक खाते, आवास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 200 से अधिक सुरक्षा शिविरों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों तक सरकारी सेवाएं और आजीविका के अवसर पहुंचाए जा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शामिल करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, पेयजल, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ कृषि, पशुपालन, सिंचाई और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराना इसी पुनर्वास अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों की सहायता और पुनर्वास का अभियान लगातार जारी रहेगा। शिविर में लाभार्थियों ने कृत्रिम अंग और ट्राइसाइकिल मिलने से अपने जीवन में आए बदलाव साझा किए। सरकार का कहना है कि नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और बस्तर में स्थायी शांति एवं समृद्धि स्थापित करना प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हिंसा से प्रभावित क्षेत्र अब विकास, रोजगार और खुशहाली की नई पहचान बनें।