रायपुर :- राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित अशोका रतन में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर चार दिवसीय गरबा उत्सव का आयोजन किया गया। पंचमी से शुरू हुए इस आयोजन में बच्चों, महिलाओं और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। गरबा और डांडिया की धुन पर थिरकते लोगों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से नवरात्रि उत्सव की रौनक बढ़ाई।
आयोजन के दौरान हर उम्र के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया के जरिए भारतीय संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत झलक पेश की। संगीत की धुन पर कदम से कदम मिलाकर लोगों ने उत्सव का आनंद लिया। चार दिनों तक चले इस कार्यक्रम में भक्ति, संस्कृति और सामूहिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
अष्टमी पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक झांकी का आयोजन विशेष आकर्षण रही। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में सजाया गया। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक श्रृंगार और मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ बच्चों ने माता रानी के विभिन्न स्वरूपों की झांकी प्रस्तुत की। बच्चों के रूप में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों की झलक ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
बच्चों की प्रस्तुति के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। नन्हे प्रतिभागियों ने अपने भाव-भंगिमा, वेशभूषा और आत्मविश्वास से माता रानी के नौ स्वरूपों को जीवंत करने का प्रयास किया। उनकी आकर्षक झांकी देखकर उपस्थित लोगों ने सराहना की और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। अष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष प्रस्तुति ने गरबा उत्सव को और भी यादगार बना दिया।
चार दिवसीय गरबा उत्सव ने अशोका रतन में नवरात्रि की खुशियों और धार्मिक आस्था को खास रंग दिया। गरबा-डांडिया की रौनक के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सजे बच्चों की प्रस्तुति आयोजन का मुख्य आकर्षण बनी रही। इस कार्यक्रम के माध्यम से जहां नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला, वहीं स्थानीय लोगों ने मिलकर नवरात्रि पर्व को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।


