अंबिकापुर :- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कथित तौर पर शराब के नशे में सड़क किनारे पड़े मिले दो पुलिसकर्मियों के मामले में कार्रवाई की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों आरक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग जिले से एक कैदी को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट करने के लिए आए थे। इस दौरान उनके नशे की हालत में मिलने और सरकारी हथियार लावारिस छोड़ने का मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

जानकारी के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मी अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास कथित तौर पर शराब के नशे में पड़े मिले थे। उनकी हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों को चिंता हुई। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब मौके पर उनकी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में मिली। कैदी को जेल में शिफ्ट करने जैसी जिम्मेदारी के दौरान इस तरह की लापरवाही सामने आने से पुलिसकर्मियों के अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लावारिस हालत में मिली INSAS राइफल को अपने कब्जे में ले लिया। सरकारी हथियार को इस तरह असुरक्षित छोड़ने की घटना को गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकता था। मामले की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया।

बताया जा रहा है कि संबंधित पुलिसकर्मी दुर्ग जिले में पदस्थ हैं और कैदी को अंबिकापुर जेल पहुंचाने के लिए ड्यूटी पर आए थे। घटना सामने आने के बाद मामले को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों और विभागीय जांच की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

इस घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान जिम्मेदारी, अनुशासन और सरकारी हथियारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कैदी को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाना संवेदनशील जिम्मेदारी मानी जाती है, ऐसे में इस तरह की घटना पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है। अब मामले में आगे की जांच और विभाग की ओर से सामने आने वाली जानकारी पर नजर रहेगी।