रायपुर :- राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को सम्मान देने और नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय मोटर साइकिल रैली-2026 रविवार को रायपुर से अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित फ्लैग ऑफ सेरेमनी में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने हरी झंडी दिखाकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त बाइक रैली टीम को रवाना किया। यह रैली ‘FIGHT AGAINST DRUGS’ की थीम पर निकाली जा रही है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित यह राष्ट्रव्यापी रैली 14 अक्टूबर से शुरू हुई है और 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में संपन्न होगी। करीब 2,245 किलोमीटर की यात्रा के दौरान रैली का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना, नशामुक्त भारत का संदेश देना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। इस अभियान में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी टीमें चार प्रमुख जोन के माध्यम से सहभागिता कर रही हैं।

रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा में 16 अक्टूबर को रैली का स्वागत किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने रैली में शामिल सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नशे के दुष्प्रभावों से बचने और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने की महत्ता बताई। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।

रायपुर से रवाना होने के बाद बाइक रैली बलौदाबाजार-भाटापारा और बेमेतरा होते हुए कबीरधाम पहुंचेगी। इसके बाद टीम मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी और जबलपुर, भोपाल तथा इंदौर से होते हुए गुजरात की ओर बढ़ेगी। 31 अक्टूबर को एकता नगर में रैली का समापन होगा। इस अभियान का मुख्य संदेश है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है, ताकि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हुए देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।