रायपुर :- छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में तैनात नगर सैनिकों (होमगार्ड) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य शासन ने नगर सैनिकों का मानदेय बढ़ाकर 30,870 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव से प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

गृह विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, नगर सैनिकों को अब 19,500 रुपये मूल मानदेय के स्थान पर महंगाई भत्ते और वर्दी धुलाई भत्ते सहित कुल 30,870 रुपये प्रतिमाह देने की अनुशंसा की गई है। इसमें 19,500 रुपये मूल मानदेय, 11,310 रुपये महंगाई भत्ता और 60 रुपये वर्दी धुलाई भत्ता शामिल है। इस तरह प्रस्तावित दैनिक मानदेय 1,029 रुपये होगा। हालांकि, नई दरों के लागू होने की स्थिति शासन के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी।

नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी समय-समय पर बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश के तहत मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,200 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6,300 रुपये की वृद्धि की गई, जिससे यह बढ़कर 19,500 रुपये प्रतिमाह हो गया था।

गृह विभाग ने वर्तमान प्रस्ताव में न्यायालय के निर्देशों, लगातार बढ़ती महंगाई और नगर सैनिकों की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखा है। नगर सैनिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोतरी का उद्देश्य उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती देना और सेवाओं के प्रति उनके मनोबल को बढ़ाना है।

इस प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर नगर सैनिकों में उम्मीद जताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में की गई इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है। अब सभी की नजरें शासन के अंतिम आदेश और नई मानदेय दरों के लागू होने पर टिकी हैं।