नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने तेलंगाना में भारतनेट योजना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को केंद्र सरकार, तेलंगाना सरकार और दूरसंचार क्षेत्र की संबंधित संस्थाओं के बीच संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को लागू करने के लिए समझौता हुआ।
इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,189 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की है। योजना के तहत तेलंगाना की कुल 12,769 ग्राम पंचायतों को बेहतर इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने और मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन संस्थाओं के बीच हुआ समझौता?
इस समझौते में डिजिटल भारत निधि (DBN), दूरसंचार विभाग, तेलंगाना सरकार, तेलंगाना रूरल इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TRIICL), भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और तेलंगाना फाइबर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (T-Fiber) शामिल हैं।
परियोजना को राज्य के नेतृत्व वाले मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार करना और मौजूदा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाना है।
12,769 ग्राम पंचायतों को मिलेगा बेहतर नेटवर्क
तेलंगाना में इस परियोजना के तहत तीन तरह के काम किए जाएंगे:
- पहले चरण की 1,946 ग्राम पंचायतों में मौजूदा नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
- दूसरे चरण की 10,787 ग्राम पंचायतों को योजना के दायरे में लाया जाएगा।
- नई बनी 36 ग्राम पंचायतों को भी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
इस तरह कुल 12,769 ग्राम पंचायतों को परियोजना का लाभ मिलने का लक्ष्य है।
ग्रामीण घरों तक फाइबर इंटरनेट पहुंचाने की योजना
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से लगभग तीन लाख ग्रामीण घरों तक फाइबर इंटरनेट कनेक्शन पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए सरकारी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
फाइबर इंटरनेट के माध्यम से गांवों में तेज और अधिक स्थिर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। इससे ग्रामीण परिवारों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी हो सकती है।
भारतनेट योजना क्यों जरूरी है?
शहरों में इंटरनेट की सुविधा तेजी से बढ़ी है, लेकिन कई ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अभी भी तेज इंटरनेट पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। कमजोर नेटवर्क के कारण विद्यार्थियों, छोटे कारोबारियों और किसानों को कई डिजिटल सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
भारतनेट का उद्देश्य ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाना है, ताकि गांवों में भी इंटरनेट आधारित सेवाओं का विस्तार हो सके।
यदि तेलंगाना की यह परियोजना तय योजना के अनुसार लागू होती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है।
आगे क्या होगा?
समझौते के बाद अब परियोजना को जमीन पर लागू करने का काम आगे बढ़ेगा। इसमें नेटवर्क का विस्तार, मौजूदा ढांचे का उन्नयन और ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचाना शामिल होगा।
हालांकि, सभी गांवों और घरों में इंटरनेट सेवा कब तक उपलब्ध होगी, इसकी स्पष्ट समय-सीमा इस घोषणा में नहीं बताई गई है। इसलिए वास्तविक लाभ परियोजना की कार्यान्वयन गति और स्थानीय नेटवर्क उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
तेलंगाना में भारतनेट के विस्तार के लिए ₹3,189 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण इंटरनेट व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। 12,769 ग्राम पंचायतों और लगभग तीन लाख ग्रामीण घरों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह परियोजना डिजिटल सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी दूरसंचार विभाग और भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा पर आधारित है। परियोजना के लक्ष्य और अनुमानित लाभ वास्तविक कार्यान्वयन के दौरान बदल सकते हैं।


