देश के प्रमुख महानगरों में कचरे के पहाड़ों को खत्म करने के लिए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। यह तकनीक बिजली उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित हो रही है।