हिमालयी क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिकों के दल ने तीन साल के अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी की है कि समय रहते ठोस कदम उठाने आवश्यक हैं।