भारत के प्राचीन स्थापत्य कला में प्रयुक्त पत्थर जोड़ने की तकनीकों और प्राकृतिक प्लास्टर पर आज के सिविल इंजीनियर शोध कर रहे हैं। यह तकनीक भूकंप रोधी संरचनाएं बनाने में उपयोगी पाई गई है।